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ताइवान की राजधानी: ताइपे से जुड़े रोचक तथ्य

ताइवान की राजधानी: ताइपे से जुड़े रोचक तथ्य

ताइवान या ताईवान पूर्व एशिया में स्थित एक द्वीप है। यह द्वीप अपने आसपास के कई द्वीपों को मिलाकर चीनी गणराज्य का अंग है जिसका मुख्यालय ताइवान द्वीप ही है। इस कारण प्रायः ‘ताइवान’ का अर्थ ‘चीनी गणराज्य’ से भी लगाया जाता है। यूं तो ऐतिहासिक तथा संस्कृतिक दृष्टि से यह मुख्य भूमि (चीन) का अंग रहा है, पर इसकी स्वायत्ता तथा स्वतंत्रता को लेकर चीन (जिसका, इस लेख में, अभिप्राय चीन का जनवादी गणराज्य से है) तथा चीनी गणराज्य के प्रशासन में विवाद रहा है।

ताइवान की राजधानी है ताइपे। यह देश का वित्तीय केन्द्र भी है और यह नगर देश के उत्तरी भाग में स्थित है।

यहाँ के निवासी मूलत: चीन के फ्यूकियन (Fukien) और क्वांगतुंग प्रदेशों से आकर बसे लोगों की संतान हैं। इनमें ताइवानी वे कहे जाते हैं, जो यहाँ द्वितीय विश्वयुद्ध के पूर्व में बसे हुए हैं। ये ताइवानी लोग दक्षिण चीनी भाषाएँ जिनमें अमाय (Amoy), स्वातोव (Swatow) और हक्का (Hakka) सम्मिलित हैं, बोलते हैं। मंदारिन (Mandarin) राज्यकार्यों की भाषा है। 50 वर्षीय जापानी शासन के प्रभाव में लोगों ने जापानी भी सीखी है। आदिवासी, मलय पोलीनेशियाई समूह की बोलियाँ बोलते हैं।

दुनिया की दूसरी सबसे ऊंची इमारत: ताइपे 101

‘ताइपे 101’ यहां स्थित आधिनिक जगत के चमत्कारों में से एक है। राजधानी के जिनयी इलाके में स्थित इस गगनचुम्बी इमारत को 2004 में दुनिया की सबसे ऊंची इमारत माना गया था। 2010 में दुबई में बुर्ज खलीफा के पूरा होने तक यह रिकॉर्ड इसी के नाम रहा था। अब यह दुनिया की दूसरी सबसे ऊंची इमारत है।

इसमें लगी लिफ्ट्स दुनिया की सबसे तेज लिफ्ट्स में शामिल हैं। इसके लिए पास पांचवीं मंजिल से खरीदे जा सकते हैं। इमारत के ऊपरी हिस्सों में स्थित इनडोर तथा आऊटडोर दो डैक हैं जहां से पूरे शहर का विस्मत कर देने वाला नजारा देखा जा सकता है।

ताइवान की राजधानी ताइपे देश की राजनितिक, आर्थिक तथा सांस्कृतिक गतिविधियों का केन्द्रबिंदू तो है ही, पर्यटकों में भी खासा मशहूर है। मध्य – पूर्वी एशिया के प्रमुख शहरों में से एक इसी शहर में दुनिया की दूसरी सबसे ऊंची इमारत भी स्थित है। शहर में पर्यटकों को हैरत में डालने वाले आकर्षणों की भरमार है। यहां आधुनिक जगत के कुछ चमत्कारों से लेकर रात्रिकालीन बाजारों की सैर तक हर किसी के लिए कुछ न कुछ है।

खूबसूरत मंदिर: ताइपे का लोंगशान मंदिर

लोंगशान मंदिर की खूबसूरत वास्तुकला किसी को भी मंत्रमुग्ध कर सकती है। यह इस देश के सबसे प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है। शहर के वानहुआ इलाके में 1738 में बने इस मंदिर में प्रवेश निःशुल्क है और जितना चाहें उतना वक्त यहां के शांत माहौल से गुजार सकते हैं। मंदिर में हमारे व्याप्त रहने वाली शांति में गुजारा वक्त एक अद्भुत अनुभव बन जाता है।

इसके अलावा सिओयू मंदिर भी जा सकते हैं। किंग राजवंश के दौरान बना यह मंदिर रओहे नाइट मार्किट के पूर्वी छोर पर सोंगशान स्टेशन के पास स्थित है।

च्यांग कई-शेक मैमोरियल हॉल:

च्यांग काई-शेक मैमोरियल हॉल भी शहर का एक प्रमुख पर्यटक आकर्षण है। लिबर्टी स्क्वेयर के पूर्वी छोर पर स्थित इस स्मारक के उत्तर तथा दक्षिण में नैशनल कंसर्ट हॉल हैं। च्यांग काई-शेक की बड़ी-सी प्रतिमा के निकट नियमित अंतराल पर होने वाले गार्ड माऊटिंग समारोह को देखना भी न भूलें। इस स्मारक के आस-पास एक खूबसूरत पार्क भी स्थित है।

यह स्मारक चीनी राजनेता तथा जनरल च्यांग काई-शेक (1887-1975) को समर्पित है जिसने 1927 से 1975 तक चीनी गणराज्य का नेतृत्व किया परंतु बाद में वह साम्यवादियों का कट्टर शत्रु बन गया था। अंततः देश छोड़ कर उन्हें ताइवान में शरण लेनी पड़ी थी।

रात्रिकालीन बाजार: शिलिन नाइट मार्किट

शॉपिंग में दिलचस्पी रखने वालों के लिए शिलिन नाइट मार्किट एकदम सही जगह है। कपड़ों, बैग्स से लेकर खान-पान तथा इलैक्ट्रॉनिक्स तक यहां सब कुछ उपलब्ध है। बाजार में तरह-तरह के स्वादिष्ट व्यंजनों के स्टॉल भी लगते हैं जहां शकरकंदी की गेंद जैसी एक मशहूर डिश भी खूब बिकती है। शिलिन की ही तरह रओहे नाइट मार्कीट भी ताइपे के सबसे पुराने रात्रिकालीन बाजारों में से एक है। यहां भी लगभग सब कुछ उपलब्ध है। हालांकि, जूते इस बाजार की विशेषता हैं। जूते में विकल्पों की जांच करें। यहां भी खाने-पीने के स्टॉल्स की कमी नहीं है।

गैजेट्स की शॉपिंग: गुआंग हुआ डिजिटल प्लाजा

ताइपे अपने यहां मिलने वाले तरह-तरह के गैजेट्स तथा इलैक्ट्रिक् उपकरणों के लिए भी मशहूर है। गैजेट्स की शॉपिंग के गुआंग हुआ डिजिटल प्लाजा सर्वोत्तम बाजार है। स्मार्टफोन, पावर बैंक, फोन कवर से लेकर अनोखे डिजाइन्स वाली पैन ड्राइव्स आदि यहां खरीदने के लिए बहुत कुछ है।

कलाप्रेमियों के लिए भी बहुत कुछ:

ताइपे में हर और किसी न किसी तरह की कलाकारी पर नजर पड़ती रहती है। चाहे यह रात्रिकालीन बाजार हो या ताइपे के 101 विभिन्न कोनों तथा अन्य स्थानों पर स्ट्रीट आर्ट कला प्रेमियों का ध्यान विशेष रूप से खींचती है।

अकेले ताइपे मेट्रो सिस्टम के विभिन्न स्टेशनों पर 50 से अधिक कलाकृतियां स्थापित की गई हैं। ताइपे 101 में तथा इसके आसपास विभिन्न प्रकार की कला के अलावा इसके अंदर नियमित रूप से प्रदर्शनियां आयोजित होती रहती हैं।

बेहतरीन परिवहन व्यवस्था: ताइपे मास रैपिड ट्रांजिट सिस्टम

कई पर्यटकों का बजट सिमित होता है और वे सैर-सपाटे पर अधिक खर्च करना पसंद नहीं करते हैं। सौभाग्य से ताइपे जैसे अधिकांश बड़े शहरों में बेहतरीन परिवहन व्यवस्था है। ताइपे मास रैपिड ट्रांजिट सिस्टम शहर के लगभग सभी हिस्सों को जोड्ती है। इस सिस्टम से शहर की यात्रा करके आने-जाने पर होने वाला काफी खर्च बचाया जा सकता है जिसका सदुपयोग यहां के किसी भी शानदार रात्रिकालीन बाजार में किया जा सकता है।

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