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Uzbekistan

उज्बेकिस्तान की सैर

उज्बेकिस्तान का नाम सामने आने पर अधिकतर लोग उसे किसी टूरिस्ट डैस्टीनेशन के रूप में नहीं देखते हैं। फिलाहल वहां पर्यटकों की भीड़ न होती हो परंतु एक बार इस देश की सैर करने के बाद किसी को भी इस बात पर वास्तव में आश्चर्य होता है कि आखिर क्यों बेहद सुंदर स्थलों से भरपूर इस देश से पर्यटक दूर हैं।

यह भी एक तथ्य है कि उज्बेकिस्तान ने लम्बे वक्त तक अन्य देशों के लिए अपने दरवाजे बंद रखे थे और हाल के सालों में हीं उसने बाकी दुनिया के लिए खुद को खोला है। फिर भी इस बात में कोई दो राय नहीं होनी चाहिए कि आने वाले वक्त में यह देश विश्व के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक होगा क्योंकि यहां नैसर्गिक सुंदरता के साथ ही ऐतिहासिक महत्व के स्थलों की भी भरमार है।

राजधानी ताशकंद हर किसी का स्वागत करती है। आज भी यहां अतीत में सोवियत संघ के रहे प्रभाव का असर साफ झलकता है। शहर के लोग उत्साही और मेल-जोल बढ़ाने वाले हैं जो राज कपूर और मिथुन ‘जिमी जिमी‘ चक्रवर्ती के लिए अपने प्यार के बारे में भारतीयों को बताने को उत्सुक नजर आते हैं।

उज्बेकिस्तान के सबसे लोकप्रिय व्यंजनों में से एक है ‘प्लोव‘। जैसा कि इसके नाम से कुछ-कुछ जाहिर होता है, वास्तव में यह पुलाव जैसा-ही दिखता है। सुनहरे और नारंगी चावलों से बने इस व्यंजन को वहां अपनी पसंद के अनुरूप सब्जियों, अंडों या मांस आदि के साथ खाया जाता है।

हालांकि, इसका स्वाद पुलाव के जैसा जरा भी नहीं है। इसमें एकदम अलग तरह का मोहक स्वाद तथा महक है। इसे चखने के बाद कोई भी समझ जाएगा कि क्यों यहां के लोग इसे जुनून की हद तक पसंद करते हैं।

ब्रैड भी उज्बेकिस्तान के लोगों के मुख्य आहार में शामिल है। ऐसे में यहां आपको विविध प्रकार की ब्रैड मिल जाएगी। यहां एक साथ भोजन करते वक्त सबके साथ बांटने के लिए ब्रैड के टुकड़े करके टोकरी में डालने की प्रथा भी है।

हरे-भरे मैदानों तथा फूलों के खेतों को देखने के बाद पर्यटक जल्द ही भूलने लगते हैं कि अधिकांश देश रेगिस्तान की रेत से ढका है।

फेरगाना घाटी के आंदिजन शहर की ओर सड़क से यात्रा करते हुए आपको बेहद स्वादिष्ट स्ट्रॉबेरी बिकती दिख जाएंगी। इन फलों के स्टॉल रास्ते में जगह-जगह मिलते हैं, जहां स्ट्रॉबेरी के साथ ही ताजगी से भर देने वाला घर में बना पेय भी बिकता है।

यहां के बेहद खूबसूरत स्थानों में से एक ताशकंद के बाहरी इलाके में स्थित चरवाक झील है। चूंकि उज्बेकिस्तान चरों ओर से अन्य देशों से घिरा है, स्थानीय लोगों के लिए यह  झील किसी ‘समुद्र’ से कम नहीं है।

इस झील को घेरे बर्फ से ढका चिमगान नामक पहाड़ इसे और सुंदर बनाता है। पहाड़ पर एक स्की रिजॉर्ट भी है, जहां लोग ठंड के महीनों के दौरान हाईकिंग या स्त्रोबोर्डिंग के लिए जाते हैं।

टर्मेज ओटा एक पुराना शहर है जहां अनूठी स्थापत्यकला नजर आती है। कहते हैं कि कुषाण वंश के सम्राट कनिष्क ने अपने साम्राज्य को यहां तक फैला लिया था। अधिकतर इमारतों में महत्त्वपूर्ण इस्लामी वास्तुशिल्प का प्रतिक गुंबद नजर आता है। भले ही इनमें से कुछ एकदम नई  प्रतीत होती हों, उन्होंने कई हजार वर्ष का इतिहास अपने सामने बनते देखाहै।

विश्वविख्यात समर कंद में भी खूबसूरत इमारतों की कमी नहीं है। ‘रेगिस्तान’ के नाम से जाने जाते समरकंद के केंद्र में स्थित तीन मदरसों की इमारतें भी बेहद सुंदर हैं। नामांगन में भरपूर हरियाली के अलावा बहती धाराएं तथा लटकते पुल मन मोह लेते हैं।

उज्बेकिस्तान के गांवों में प्रदान की जाने वाली चिकित्सा सुविधाएं कम से कम भारतीयों को तो चकित कर सकते हैं। इस बात पर और आश्चर्य होता है कि एक विकासशील देश होने के बावजूद किस तरह से उन्होंने चिकित्सा सुविधाओं को गांवों तक पहुंचाने जैसे लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए अपने देश को इतने अच्छे से तैयार किया है।

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