ओखला पक्षी अभयारण्य (ओखला बर्ड सेंक्चुअरी – Okhla Bird Sanctuary (OBS)) उत्तर प्रदेश के नोएडा में स्थित है। यहां यूं तो सभी मौसम में देशी पक्षियों का बसेरा रहता है, लेकिन सर्दियों में प्रवासी पक्षियों का झुंड भी यहां पहुंचता है। दिल्ली-एनसीआर से नजदीकी के कारण यहां अक्सर दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम और गाजियाबाद के लोग पिकनिक मनाने और अपनों के साथ सुकून के पल बिताने आते हैं। अगर आप दिल्ली-एनसीआर में रहते हैं तो जाहिर तौर पर रोज- रोज की भागदौड़ भरी जिंदगी से परेशान हो जाते होंगे। ऐसे में वीकेंड पर प्रकृति के साथ नजदीकी आपकी मानसिक और शारीरिक थकान को काफी हृद तक कम कर सकती है। सप्ताह की शुरुआत में ही अगर आप अपनी वीकेंड यात्रा की प्लानिंग करेंगे तो दोस्तों और परिवार के साथ प्लानिंग करने में आसानो रहेगी। हम आपको बता रहे हैं, दिल्ली के नजदीक स्थित एक ऐसे अभवाएण्य के बारे में जहां आप प्रकृति की गोद में पक्षियों के साथ वक्त बिता सकते हैं। ओखला पक्षी अभयारण्य यमुना में चार किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ जल पक्षियों के लिए एक स्वर्ग की तरह हैं। सर्दियों के मौसम में यहां आपको प्रवासी पक्षिय्रों का बसेरा भी देखने को मिलेगा। ये पक्षी मार्च के बाद यहां से जानें लगते हैं। इस अभयारण्य में 320 से अधिक प्रजातियों के पक्षी और खूबसूरत पौधे देखने को मिलेंगे। यहां का माहौल आपका तनाव कम करने का काम करेंगा और आप खुद को कहीं अधिक महसूस करेंगे। इस अभयारण्य में अंदर गाड़ी ले जाने की अनुमति नहीं है। यानी आप अपनी प्राइवेट गाड़ी को बाहर ही पार्क कर सकते हैं। वैसे भी प्रकृति की गोद में पैदल सैर का अपना मज़ा हैं। आप ओखला पक्षों अभयारण्य नोएडा प्लाजा तक किसी भी प्राइवेट वाहन से पहुंच सकते है।
ओखला अभयारण्य: शहरी कोलाहल के बीच सुकून देता पक्षियों का कलरव
The Okhla Bird Sanctuary (OBS) is roughly 4 square kilometres in size and is situated at the entrance of NOIDA in Gautam Budh Nagar district of Uttar Pradesh. It is situated at a point where river Yamuna enters in the state of Uttar Pradesh leaving the territory of Delhi. It is one among 15 bird sanctuaries in the state.
The bird species of thorny scrub, grassland and wetland are seen in the sanctuary due it’s unique positioning. This wetland was formed due to the creation of Okhla Barrage. The Uttar Pradesh Government notified this as Sanctuary in the year 1990. It is now one of the 466 IBAs (Important Bird Areas) in India.
वर्ष 1990 में हुआ था निर्माण:
वर्ष 1990 में यमुना नदी पर 3.5 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र को वन्यजीव संरक्षण अधितियम, 1972 के तहत उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा एक पक्षी अभयारण्य नामित किया गया था। यह स्थल उस बिंदु पर स्थित है जहां नदी उत्तर प्रदेश में प्रवेश करती हैं। अभयारण्य की सबसे प्रमुख विशेषता नदी पर बांध बनाकर बनाई गई बड़ी झील है, जो पश्त्रिम में ओखला गांव और पूर्व में गौतम बुद्ध नगर के खींच स्थित है। ओखला पक्षी अभयारण्य आकार में लगभग 4 किमी 2 यह उस स्थान पर स्थित है जहां यमुना नदी दिल्ली को छोड़कर उत्तर प्रदेश राज्य में प्रवेश करती है। यह राज्य के पंद्रह पक्षी अभथारण्यों में से एक हैं। इस अभयारण्य में कंटौली झाड़ियों, घास के मैदानों और आद्रभूमि की पक्षी प्रजातियां अपनी विशिष्ट स्थिति के कारण देखी जाती हैं। यह आद्रभूमि ओखला बैराज के निर्माण से बनती हैं। अब यह भारत के 466 महत्वपूर्ण पक्षी क्षेत्रों (आईबीए) में से एक है।
पक्षी प्रेमियों के लिए पसंदीदा जगह:
ओखला बैराज के आसपास के क्षेत्र यमुना नदी और उससे जुड़े दलदलों को घेरते हुए पक्षी प्रेमियों के लिए पसंदीदा जगह रहे हैं। जब से आगरा नहर का निर्माण हुआ था, जो 1874 में यहीं से शुरू हुई थी। मेजर जनरल एचपीडब्ल्यू हटसन ने जून 1943 से मई 1945 के दौरान दिल्ली क्षेत्र में अपने पक्षी विज्ञान सर्वेक्षणों के दौरान ओखला के पक्षियों को रिकॉर्ड किया था। इसके ख्राद उषा गांगुली ने भी इस जगह के पक्षियों को अपनी पुस्तक, ए गाइड टू द बड़स ऑफ द डेल्ही एरिया में दर्ज किया। 1986 में बैराज और उसके परिणामस्वरूप बनी झील के निर्माण के बाद इस जगह पर पक्षी देखने की गतिव्रिधि बढ़ गई है।

सर्दियों में आते हैं ज्यादा पक्षी:
पक्षी ओखला पक्षी अभयारण्य और इसके आसपास के में कुल 302 प्रजातियों के रिकॉर्ड हैं। हैरिस (2001) ने 27 अतिरिक्त प्रजातियों को संभावित, लेकिन अपुष्ट, घटना के रूप में सुचीबद्ध किया है। जनवरी 2011 में एशियाई जलपक्षी जनगणना 2011 के एक भाग के रूप में एक ल्यूसिस्टिक कूट, जो अपने असामान्य चमकीले सफेद पंखों के लिए जाना जाता है, को भारत में पहलो बार आम कूट के झुंड के साथ देखा गया था। अभयारण्य में साल भर 400 से अधिक प्रजातियां और सर्दियों के महीनों में 100,000 से अधिक प्रवासी पक्षी आते हैं। यह भारतीय उपमहाद्वीप में दर्ज 1200 से 1300 पक्षी प्रजातियों में से 30 प्रतिशति की मेजबानी करता है।

अभयारण्य पहुंचने का रास्ता:
अभयारण्य मथुरा रोड (एनएच- 2) से सरिता बिहार होते हुए नोएडा की ओर पहुंचा जा सकता है। दिल्ली मेट्रो का सबसे नजदीकी स्टेशन मर्जेटा लाइन पर ओखलना पक्षी अभयारण्य पेट्रो स्टेशन है। दिल्ली परिबहन निगम की बसें तथा अन्य सार्वजनिक वाहनों के माध्यम से भी यहां पहुंचा जा सकता हैं।
समय और टिकट:
अभयारण्य सातों दिन खुलता है। सर्दियों में आप सुक्ह 7 बजकर 30 मिनट से शाम 5 बजे तक यहां घूम सकते हैं। जबकि गर्मियों में यहां जाने का समय सुबह 7 बजे से शाम 5:30 तक है। यहां प्रवेश शुल्क यानी टिकट लगता है। इसके लिए प्रत्येक भारतीय सैलानी को 30 रुपए चुकाने होते हैं जबकि विदेशी सैलानियों के लिए 350 रुपए प्रति व्यक्ति का टिकट रखा गया हैं। अगर आप कैमरा लेकर यहां जाते हैं तो इसके लिए अलग से चार्ज देता होता है, जिसमें भारतीयों को 500 और विदेशी सैलानियों को 1000 रुपए चुकाने होते हैं। जबकि डिजिटल मृत्री कैमरा ले जाने के लिए भारतीयों को 5 हजार और विदेशी सैलानियों को 10 हजार रुपए का चार्ज देना होता है।
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